कविता: लोग नहीं समझते है

जिंदगी के सफ़र में हम लोगों से टकराते है,
पर हर दफा लोग हमें कहां समझ पाते हैं!
पढ़िए यह कविता और जाने इस बात के कुछ पहलू,
दिल की आवाज में! Continue reading कविता: लोग नहीं समझते है

कविता: संध्या

क्या संध्या के वक्त बदलते रंग आसमान के, ज़िंदगी के बारे में कुछ कहते हैं? जानने के लिए पढ़ते रहिए! Continue reading कविता: संध्या